आप भी जाने क्या कुछ ख़ास है राष्ट्रपति के बजट मे ….

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नई दिल्ली :- संसद में बजट सत्र की शुरुआत आज राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अभिभाषण के साथ हुई। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस मौके पर कहा कि ये ऐतिहासिक मौका है जब बजट सत्र 1 फरवरी को पेश हो रहा है साथ ही आम बजट के साथ ही रेल बजट को पेश किया जा रहा है।

राष्ट्रपति का अभिभाषण, बड़ी बातें :

सबका साथ-सबका विकास’ सरकार का पहला लक्ष्य है।
इस साल रेल और आम बजट पहली बार एक साथ पेश किया जा रहा है।
यह बजट साइकल का ऐतिहासिक सत्र है।
मेरी सरकार जनशक्ति को नमन करती है।
स्वच्छ भारत मिशन जन आंदोलन बन गया।
2.2 करोड़ लोगों ने LPG की सब्सिडी छोड़ दी।
26 करोड़ जनधन अकाउंट खोले गए।
सभी सरकारी नीतियों के मूल में गरीब, पीड़ित, दलित, वंचित, की भलाई रही है।
3 करोड़ टॉइलट्स का निर्माण किया गया।
13 करोड़ गरीब सामाजिक सुरक्षा योजना से जुड़े।
गरीबों के लिए पीएम आवास योजना चलाई।
मुद्रा योजना के जरिए लोगों को लोन मिले।
उज्जवला योजना के तहत गरीबों को गैस कनेक्शन मिले।
खरीफ की फसल में 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
11 हजार गांवों को बिजली पहुंचाई।
इंद्रधनुष योजना के अंतर्गत बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए टीके लगाए गए।
उज्ज्वला योजना से लाभ पाने वालों में 37 प्रतिशत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के हैं।
पीएम फसल बीमा से किसानों को लाभ पहुंचा।
मातृत्व अवकाश 12 हफ्ते से 26 हफ्ते किया।
सेना में भी महिलाओं को बराबर मौका मिला।
पहली बार 3 महिला लड़ाकू पायलट बनीं।
रोजगार बढ़ाने के लिए 6000 करोड़ का बजट।
महिलाओं को बराबर मौके मिलने चाहिए: मुखर्जी
सरकार ‘नारी शक्ति’ को इस विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा बना रही है।
7वें वेतन आयोग से 50 लाख कर्मचारियों को फायदा।
खेलों में दिव्यागों की उपलब्धियां सराहनीय।
दिव्यांगों के लिए आरक्षण बढ़ाकर 4 फीसदी।
1 करोड़ को PMKVY के तहत रोजगार का लक्ष्य।
2022 तक सबको घर देने का लक्ष्य।
UNI नंबर से कर्मचारियों को फायदा।
उत्तर-पूर्व में रेलवे के विस्तार पर 10 हजार करोड़ खर्च।
हल्दिया गैस पाइपलाइन योजना को हरी झंडी।
उत्तर-पूर्व के जरिये पड़ोसी देशों के लिए रास्ते खोले।
उत्तर-पूर्व के राज्यों को आर्थिक मदद दे रही सरकार।
उत्तर-पूर्व में रेलवे के विस्तार पर 10 हजार करोड़ खर्च।
रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए 1.2 लाख करोड़ मुहैया करवाये गए।
गांवों में अब तक 73 हजार किलोमीटर सड़कें बनाईं।
सभी गांवों को सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य।
अरुणाचल, मेघालय में रेल लाइन का विस्तार होगा।
75 हजार गांवों को ऑप्टिकल फाइबर कनेक्शन।
सागरमाला प्रोजेक्ट के तहत बंदरगाहों का होगा विकास।
मत्स्य विभाग को खास तवज्जो मिलती रहेगी।
47-75 GW स्वच्छ ऊर्जा पैदा करने का लक्ष्य।
2016-17 में मनरेगा का बजट सबसे ज्यादा।
कालेधन पर कड़े कानून बनाए गए।
आतंकी घुसपैठ रोकने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक की गई।
हमें सेना पर गर्व है।
नोटबंदी से कालाधन रोकने में मदद।
मोबाइल एप ”BHIM” अंबेडकर के नजरिये को सलाम।
जनधन खातों में 36 हजार करोड़ सब्सिडी।
आधार पेमेंट सिस्टम जल्द लागू होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा :

बजट सत्र का सर्वाधिक उपयोग जनहित के लिए हो।
सार्थक चर्चा हो, बजट की भी बारीकी से चर्चा हो, पहली बार बजट एक साथ हो रहा है।
आप सब को स्मरण होगा, पहले बजट पांच बजे पेश किया जाता था।
जब अटल जी की सरकार थी तब से उसे समय परिवर्तित कर सदन प्रारंभ होते ही पेश किया जाता था।
आज एक नई परंपरा का शुभारंभ हो रहा है।
बता दें कि आज ही आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जाएगा। बजट सत्र का पहला हिस्सा 31 जनवरी से 9 फरवरी तक चलेगा जबकि दूसरा हिस्सा 9 मार्च से शुरु होकर 12 अप्रैल तक चलेगा।

शाही बग्घी में बैठकर संसद भवन पहुंचे राष्ट्रपति
इससे पहले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी पारंपरिक शाही बग्घी में बैठकर राष्ट्रपति भवन से संसद भवन पहुंचे। मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन से बग्घी में बैठकर संसद भवन पहुंचने की पुरानी परंपरा का निर्वाह किया। इस दौरान उनके साथ घोड़ों पर सवार अंगरक्षक भी थे।

आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगे जेटली

संसद के दोनों सदनों को राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगे। ये पहला मौका है जब राष्ट्रपति के अभिभाषण के तुरंत बाद ये दस्तावेज संसद के पटल पर रखा जाएगा।

क्या है आर्थिक सर्वेक्षण ?

आर्थिक सर्वेक्षण अर्थव्यवस्था की सालाना आधिकारिक रिपोर्ट होती है।
इस दस्तावेज को बजट सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों में पेश किया जाता है।
इसमें भविष्य में बनाई जाने वाली योजानाओं और अर्थव्यवस्था में आने वाली चुनौतियों की सारी जानकारी दी जाती है।
इस सर्वेक्षण में देश के आर्थिक विकास का अनुमान होता है।
आर्थिक सर्वेक्षण में इस बात की जानकारी दी जाती है कि आगामी वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ेगी या फिर धीमी रहेगी।
सर्वेक्षण के आधार पर ही सरकार द्वारा बजट में ऐलान किए जाते हैं, हालांकि इन सिफारिशों को मानने के लिए सरकार कानूनी तौर पर बाध्य नहीं होती

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